जैसे ही उत्तर बिहार और विशेषकर मुजफ्फरपुर में ठंड का प्रकोप बढ़ता है, अस्पतालों और क्लिनिकों में दांतों के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि होने लगती है। डॉ. मुकुल प्रकाश बताते हैं कि जिस तरह हम सर्दियों में अपनी त्वचा को फटने से बचाने के लिए मॉइस्चराइजर लगाते हैं, ठीक उसी तरह दांतों को भी विशेष सुरक्षा की जरूरत होती है।

1. ठंड में दांतों में आने वाली मुख्य समस्याएं
सर्दियों का मौसम दांतों के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है:
- डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी: ठंडी हवा जब दांतों से टकराती है, तो इनेमल के नीचे की परत ‘डेंटिन’ उत्तेजित हो जाती है, जिससे तेज बिजली जैसा झटका महसूस होता है।
- मसूड़ों में सूजन (Gingivitis): कम पानी पीने के कारण मुंह में लार (Saliva) कम बनती है, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं और मसूड़ों में सूजन आ जाती है।
- दांतों में दरारें: बहुत गर्म चाय या कॉफी पीने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने से दांतों के इनेमल में ‘थर्मल शॉक’ के कारण सूक्ष्म दरारें आ सकती हैं।
- जबड़े का दर्द: अत्यधिक ठंड के कारण लोग अनजाने में दांत किटकिटाते हैं या जबड़े भींचते हैं, जिससे ‘टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट’ (TMJ) में दर्द होने लगता है।

2. सेंसिटिविटी (झनझनाहट) को कैसे कम करें?
डॉ. मुकुल प्रकाश के अनुसार, सेंसिटिविटी का इलाज घर और क्लिनिक दोनों स्तरों पर संभव है:
- सही टूथपेस्ट: पोटेशियम नाइट्रेट युक्त ‘डी-सेंसिटाइजिंग’ पेस्ट का उपयोग करें। यह नसों तक पहुँचने वाले संकेतों को ब्लॉक करता है।
- ब्रशिंग का दबाव: कभी भी जोर से ब्रश न घिसें। इससे इनेमल घिस जाता है और झनझनाहट बढ़ जाती है।
- अम्लीय खाद्य पदार्थों से बचें: सर्दियों में लोग अचार या सिट्रस फ्रूट्स ज्यादा खाते हैं, जो दांतों की ऊपरी परत को नरम कर देते हैं। इनका सेवन सीमित करें।
- फ्लोराइड ट्रीटमेंट: यदि समस्या गंभीर है, तो डॉक्टर से मिलकर फ्लोराइड वार्निश लगवाना चाहिए।
3. ब्रश के इस्तेमाल का सही विज्ञान
ब्रश करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक कला है। डॉ. मुकुल प्रकाश इसके लिए निम्नलिखित सुझाव देते हैं:
- ब्रश की गुणवत्ता: हमेशा ‘अल्ट्रा सॉफ्ट’ या ‘सॉफ्ट’ ब्रिसल्स वाले ब्रश का चुनाव करें। हार्ड ब्रश मसूड़ों को पीछे धकेल देते हैं (Gum Recession)।
- ब्रश करने का समय: सुबह सोकर उठने के बाद और रात को सोने से ठीक पहले। रात का ब्रश सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि सोते समय मुंह में बैक्टीरिया सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
- बदलने का नियम: हर 2.5 से 3 महीने में ब्रश बदल दें। यदि आप बीमार पड़े हैं (जैसे फ्लू या सर्दी-खांसी), तो ठीक होने के बाद तुरंत ब्रश बदलें क्योंकि उसमें कीटाणु रह सकते हैं।

4. दांतों को इन्फेक्शन से बचाने के तरीके
मुंह का इन्फेक्शन पूरे शरीर की सेहत को प्रभावित कर सकता है। इससे बचने के लिए:
- जीभ की सफाई: टंग क्लीनर का उपयोग करें क्योंकि जीभ पर जमी सफेद परत इन्फेक्शन का घर होती है।
- फ्लॉसिंग: दो दांतों के बीच फंसा खाना ब्रश से नहीं निकलता। इसके लिए डेंटल फ्लॉस (धागा) का प्रयोग करें।
- नमक-पानी के गरारे: गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर कुल्ला करना सर्दियों में रामबाण है। यह मसूड़ों के बैक्टीरिया को खत्म करता है।

5. बच्चों के दांत: समस्याएं और सुरक्षा (Pediatric Care)
बच्चों के दूध के दांत बहुत नाजुक होते हैं।
- समस्या: सर्दियों में बच्चे गरम दूध में चीनी या चोकलेट ज्यादा लेते हैं। रात को दूध पीकर बिना कुल्ला किए सो जाने से ‘नर्सिंग बॉटल कैविटी’ हो जाती है।
- बचाव: * बच्चों को हर बार मीठा खाने के बाद सादे पानी से कुल्ला करने की आदत डालें।
- 6 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फ्लोराइड-मुक्त टूथपेस्ट का उपयोग करें।
- उन्हें उंगली से मसूड़ों की मालिश करना सिखाएं।
6. बुजुर्गों और वयस्कों की देखभाल (Geriatric Care)
उम्र बढ़ने के साथ दांतों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं।
- समस्या: वयस्कों में अक्सर दांतों के बीच गैप बढ़ जाता है और बुजुर्गों में लार कम बनने (Dry Mouth) की समस्या होती है, जिससे इन्फेक्शन जल्दी फैलता है।
- बचाव: * वयस्क: तंबाकू और सिगरेट से पूरी तरह दूरी बनाएं क्योंकि यह सर्दियों में रक्त संचार को कम कर देता है, जिससे मसूड़ों की बीमारी बढ़ती है।
- बुजुर्ग: यदि नकली दांत (Dentures) पहनते हैं, तो उन्हें रात में निकालकर साफ पानी में रखें। फाइबर युक्त भोजन लें ताकि दांतों की प्राकृतिक सफाई होती रहे।
7. दांतों को दुरुस्त रखने के विशेष टिप्स: डॉ. मुकुल प्रकाश की सलाह
- हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी पानी पिएं। पानी की कमी से मुंह सूखता है और सांसों में बदबू आने लगती है।
- विटामिन-D: धूप का आनंद लें। विटामिन-D कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी है, जो दांतों की मजबूती बढ़ाता है।
- संतुलित आहार: अपनी डाइट में पनीर, दूध, हरी सब्जियां और तिल शामिल करें। तिल कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है।
- नियमित जांच: दर्द होने का इंतजार न करें। हर 6 महीने में प्रकाश डेंटल क्लिनिक जैसे विशेषज्ञ केंद्र पर जाकर प्रोफेशनल क्लीनिंग (Scaling) कराएं।
सावधानी ही समाधान है
डॉ. मुकुल प्रकाश का मानना है कि यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो दांतों की 90% समस्याओं से बचा जा सकता है। ठंड के मौसम में लापरवाही न बरतें, क्योंकि दांतों का दर्द न केवल शारीरिक कष्ट देता है बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।

विशेष नोट: यदि आपको दांतों में लगातार दर्द, मसूड़ों से खून आना या अत्यधिक झनझनाहट महसूस हो रही है, तो तुरंत प्रकाश डेंटल क्लिनिक, जूरन छपरा, मुजफ्फरपुर में डॉ. मुकुल प्रकाश से परामर्श लें।
परामर्श एवं अपॉइंटमेंट (Appointment Details)
यदि आप दांतों की किसी भी समस्या से जूझ रहे हैं या सर्दियों में अपने ओरल हेल्थ का रूटीन चेकअप कराना चाहते हैं, तो आप प्रकाश डेंटल क्लिनिक में संपर्क कर सकते हैं।
- विशेषज्ञ: डॉ. मुकुल प्रकाश (B.D.S., दन्त रोग विशेषज्ञ)
- स्थान: प्रकाश डेंटल क्लिनिक, रोड नंबर एक एवं दो के बीच पहली गली, जूरन छपरा, मुजफ्फरपुर, बिहार।
- संपर्क नंबर: [+91-8294139994]
- मिलने का समय: * सोमवार से शनिवार: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक
- रविवार : सुबह 10:00 बजे से संध्या 04:00 बजे तक
डॉ. मुकुल प्रकाश का संदेश: “एक स्वस्थ मुस्कान ही आपके व्यक्तित्व का आईना है। दांतों की समस्याओं को नज़रअंदाज़ न करें, समय पर सही सलाह और उपचार ही आपको लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है।”
मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित प्रकाश डेंटल क्लिनिक (जूरन छपरा) के वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. मुकुल प्रकाश के अनुभवों और चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित यह विस्तृत लेख सर्दियों में आपके मौखिक स्वास्थ्य (Oral Health) के सहायता के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है।


