समस्तीपुर | 24 जनवरी, 2026 संवाददाता
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को समस्तीपुर जिला समाहरणालय परिसर में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिला प्रशासन और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने एकजुट होकर समाज से इस कुरीति को मिटाने का संकल्प लिया।

उप-समाहर्ता ने हरी झंडी दिखाकर किया रथ रवाना
जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, एक्सेस टू जस्टिस और क्राई (चाइल्ड राइट्स एंड यू) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ रहा। उप-समाहर्ता ब्रजेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर इस रथ को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह रथ आगामी 100 दिनों तक जिले के सुदूर गांवों में भ्रमण करेगा और लोगों को बाल विवाह के कानूनी व स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों और नागरिकों को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई।
प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एकजुटता
कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी, महिला एवं बाल विकास निगम के राजेश कुमार, डॉली कुमारी, दीपशिखा कुमारी और चाइल्ड हेल्पलाइन के शंकर मल्लिक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह बेटियों के सुनहरे भविष्य की राह में सबसे बड़ी बाधा है।

जमीनी स्तर पर जागरूकता: सरायरंजन में नुक्कड़ नाटक और संवाद
संस्था के संस्थापक सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि केवल शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी सघन अभियान चलाया जा रहा है। सरायरंजन प्रखंड के 40 गांवों में बालिका दिवस के उपलक्ष्य में:
- बाल रैली और संकल्प सभा: किशोर-किशोरियों ने रैलियों के माध्यम से ‘बाल विवाह मुक्त समाज’ का नारा बुलंद किया।
- नुक्कड़ नाटक: कला जत्थों ने नाटकों के जरिए बाल विवाह के दुष्प्रभावों को प्रदर्शित किया।
- सेनेटरी पैड बैंक: नौ महादलित टोलों में किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता और सेनेटरी पैड बैंक की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की गई।

वैकल्पिक रोजगार की नई पहल
अल्पसंख्यक बस्ती खालिसपुर में एक नई शुरुआत की गई। ‘पैरवी’ (नई दिल्ली) के सहयोग से बीड़ी श्रमिक परिवारों की 30 महिलाओं और किशोरियों के लिए ‘महिला सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र‘ का उद्घाटन किया गया। इसका उद्देश्य इन परिवारों को बीड़ी बनाने के जोखिम भरे कार्य से निकालकर सम्मानजनक वैकल्पिक रोजगार प्रदान करना है।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में अवकाश प्राप्त शिक्षक अर्जुन प्रसाद सिंह, पूर्व जिला पार्षद जगन्नाथ कुंवर, सामाजिक कार्यकर्ता देव कुमार, मयंक कुमार सिन्हा, दीप्ती कुमारी, काजल राज, रवि कुमार मिश्रा, और पप्पू यादव सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



