समस्तीपुर | 03 फरवरी, 2026
बिहार को सामाजिक कुरीतियों से मुक्त करने की दिशा में समस्तीपुर जिला एक बार फिर मिसाल पेश कर रहा है। ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए जिले के मोरवा और ताजपुर प्रखंडों में जन-जागरूकता का शंखनाद किया गया। जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, समस्तीपुर द्वारा ‘एक्सेस टू जस्टिस’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस’ के सहयोग से आयोजित इस अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई चेतना जगा दी है।

प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी
मंगलवार को मोरवा और ताजपुर प्रखंड मुख्यालयों में उत्साह का माहौल रहा। मोरवा प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अरुण कुमार निराला ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के सुनहरे भविष्य और उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है।
वहीं, ताजपुर प्रखंड में बीडीओ रवि भूषण ने रथ को रवाना करते हुए प्रशासनिक प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम का सफल कार्यान्वयन तभी संभव है जब इसमें जनता की सक्रिय भागीदारी हो। उन्होंने ‘जन-जागरण’ को इस कुरीति पर विजय पाने का सबसे प्रभावी हथियार बताया।

24 जनवरी से 8 मार्च तक चलेगा जागरूकता का रथ
जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के कार्यकर्ता पप्पू यादव ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह रथ केवल एक वाहन नहीं, बल्कि बदलाव का दूत है। यह यात्रा 24 जनवरी से शुरू हुई है और 8 मार्च (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) तक जिले के सुदूर गांवों, मोहल्लों और धार्मिक स्थलों तक पहुँचेगी। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बाल विवाह के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुँचाना है।
शपथ और हस्ताक्षर अभियान: समाज ने थामी जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान एक मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब उपस्थित जनसमूह ने एक साथ स्वर मिलाकर शपथ ली। लोगों ने संकल्प लिया कि:
“हम समाज में लड़की की 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष से पहले शादी नहीं होने देंगे। यदि हमें कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो हम तत्काल इसकी जानकारी प्रशासन को देंगे।”
शपथ ग्रहण के बाद डॉ. दीप्ति कुमारी ने बाल विवाह रोकथाम की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह से लड़कियां शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य से वंचित रह जाती हैं। इसके बाद उपस्थित नागरिकों ने हस्ताक्षर कर इस अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का आह्वान
सामाजिक कार्यकर्ता सरिता कुमारी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समस्तीपुर के लिए गौरव की बात बताया। उन्होंने कहा कि जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र द्वारा संचालित यह रथ गांव-गांव जाकर लोगों की सोच बदलने का कार्य कर रहा है। वक्ताओं ने सामूहिक रूप से बाल अधिकारों की रक्षा और सुरक्षित बचपन के लिए एकजुट होने पर जोर दिया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अभियान को सफल बनाने में पिंकेश कुमार, कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. दीप्ति कुमारी, मयंक कुमार सिन्हा, राजीव कुमार साह, दिनेश प्रसाद चौरसिया, वीभा कुमारी, माजदा खारुन, रवि कुमार मिश्रा, सुरेंद्र प्रसाद सिंह और विनोद कुमार गुप्ता सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नारों और संकल्पों के गूंजते स्वर के साथ रवाना हुआ यह रथ अब जिले की हर पंचायत में बाल विवाह के खिलाफ प्रतिरोध की नई मशाल जलाएगा।




