समस्तीपुर | 15 मार्च, 2026 समस्तीपुर की पहचान रही बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः शुरू करने की माँग अब तेज होने लगी है। शुक्रवार को जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले लोगों ने सड़कों पर उतरकर हुंकार भरी। स्टेशन चौक से निकला यह विरोध जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चीनी मिल चौक पहुँचा, जहाँ एक संघर्ष मोर्चा के द्वारा सभा का आयोजन कर सरकार को चेतावनी दी गई।

सभा की अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की और संचालन मोर्चा के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया। मोर्चा के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह और राकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि मिल बंद होने से हजारों गन्ना किसान और मजदूर दाने-दाने को मोहताज हैं। किसानों को अपनी उपज का सही बाजार नहीं मिल रहा, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।
क्यों खास है यह चीनी मिल?
वक्ताओं ने तकनीकी और भौगोलिक तथ्यों को रखते हुए कहा कि अन्यत्र नई मिल खोलने के बजाय इसी मिल को पुनर्जीवित करना सरकार के लिए फायदेमंद होगा। इसके पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए गए:
- परयाप्त संसाधन: मिल के पास 22 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध है।
- कनेक्टिविटी: यहाँ सड़क, बिजली और रेल परिवहन की मुकम्मल व्यवस्था है।
- कच्चा माल: आस-पास के 10 प्रखंड चीनी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
- सस्ता श्रम: क्षेत्र में प्रशिक्षित और सस्ते श्रमिक आसानी से उपलब्ध हैं।
- कम लागत: नई यूनिट लगाने की तुलना में यहाँ सरकारी राशि की लागत काफी कम आएगी।
“चीनी मिल चालू होने से न केवल हजारों परिवारों को रोजगार मिलेगा, बल्कि समस्तीपुर के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।” – शंकर प्रसाद साह (अध्यक्ष)
अन्य विकास कार्यों की भी उठी माँग
चीनी मिल के साथ-साथ मोर्चा ने जिले की अन्य ज्वलंत समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान खींचा:
- दूधपुरा हवाई अड्डा: इसके जीर्णोद्धार और परिचालन की माँग।
- रेल ओवरब्रिज: भोला टाकीज और अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करना।
- चिल्ड्रेन पार्क: माधुरी चौक पर बच्चों के लिए पार्क का निर्माण।
इनकी रही उपस्थिति
सभा को अशोक कुमार, शंभू राय, राम विनोद पासवान, शाहिद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुशील कुमार राय, मिथिलेश कुमार राय, बंधु प्रसाद और विश्वनाथ सिंह हजारी सहित कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया।



