सकरा, मुजफ्फरपुर: शिक्षा केवल किताबी ज्ञान का नाम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का माध्यम है। इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए , सकरा फरीदपुर स्थित मदरसतुल इस्लामिया के प्रांगण में एक भव्य वार्षिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न केवल मदरसे के शैक्षणिक परिणामों की घोषणा की गई, बल्कि छात्रों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सालाना इम्तिहान के परिणामों की घोषणा
कार्यक्रम की शुरुआत मदरसे के वार्षिक शैक्षणिक प्रतिवेदन के साथ हुई। बताया गया कि हाल ही में मदरसतुल इस्लामिया और क्षेत्र के एक अन्य मकतब के बच्चों का सालाना इम्तिहान लिया गया था। इस परीक्षा में बच्चों ने कड़ी मेहनत की थी, जिसका सुखद परिणाम कल सबके सामने आया। परीक्षा में अव्वल आने वाले छात्रों के नामों की घोषणा होते ही पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रदर्शन
पुरस्कार वितरण से पूर्व एक रंगारंग शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी कला और ज्ञान का मुजाहिरा पेश किया:
- धार्मिक प्रस्तुति: छात्रों ने अत्यंत सुरीले अंदाज में नात-ए-पाक पढ़ी और कुरान व हदीस की रोशनी में जीवन के मूल्यों को साझा किया।
- भाषाई कौशल: जहाँ एक ओर छात्रों ने उर्दू में प्रभावशाली तकरीरें (भाषण) दीं, वहीं दूसरी ओर अंग्रेजी भाषा में ‘स्पीच’ देकर यह साबित कर दिया कि वे आधुनिक शिक्षा की दौड़ में भी पीछे नहीं हैं।
सम्मानित हुए भविष्य के सितारे
समारोह का मुख्य आकर्षण पुरस्कार वितरण रहा। कक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को मंच पर बुलाकर इनामात और विशिष्ट मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा, सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया।

अतिथियों का संदेश
मंच पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सकरा मदरसा के उस्ताद जनाब कमर आलम साहब और मौलाना वसीम साहब ने बच्चों की हौसला अफजाई की। मदरसा कमेटी के सदर (अध्यक्ष) जसीम अहमद, सेक्रेटरी अनवर साहब, खजांची इम्तियाज साहब और सदस्य शमशाद साहब ने सफल आयोजन के लिए प्रबंधन की सराहना की।
विशिष्ट अतिथियों में बलिराम हाई स्कूल के सेवानिवृत्त क्लर्क जनाब मुस्तकीम साहब और जनाब नसीम अहमद साहब ने शिरकत की। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युग में शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है और बच्चों को दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी शिक्षा में भी महारत हासिल करनी चाहिए ताकि वे समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

समापन
कार्यक्रम के अंत में मदरसे के शिक्षकों और कमेटी के सदस्यों ने सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। आयोजन का समापन सामूहिक दुआ के साथ हुआ, जिसमें देश में शांति, प्रगति और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। यह कार्यक्रम क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।




