मुजफ्फरपुर। सकरा के पूर्व विधायक, बिहार विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक और दलित-पिछड़ों की बुलंद आवाज रहे स्वर्गीय फकीरचंद राम की 29वीं पुण्यतिथि शनिवार को उनके स्मृति कार्यालय स्थित स्मारक पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं और समर्थकों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

ईमानदारी और संघर्ष के प्रतीक थे फकीरचंद बाबू: अरविंद मुकुल
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि फकीरचंद बाबू कांग्रेस पार्टी के एक ऐसे स्तंभ थे, जिनका व्यक्तित्व ईमानदारी और मिलनसारिता की मिसाल था। उन्होंने कहा, “फकीरचंद जी ने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति, दलितों और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उनके द्वारा किए गए संघर्ष आज भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।”
सकरा कॉलेज का सरकारीकरण: एक अविस्मरणीय उपलब्धि
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार राम ने फकीरचंद बाबू के योगदानों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सकरा के चौतरफा विकास के लिए उन्होंने जो कार्य किए, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। विशेष रूप से सकरा कॉलेज के सरकारीकरण में उनकी मुख्य भूमिका ने क्षेत्र में शिक्षा की मशाल जलाई। जनहित में उनके द्वारा किए गए साहसिक कार्यों के कारण ही वे आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
इन दिग्गजों ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन
पुण्यतिथि कार्यक्रम में मुख्य रूप से अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि अनीता देवी, श्रद्धा खुशी, शिवम कुमार, सिद्धार्थ कुमार, डॉ. मनीष यादव, मो. गुलाम मैनुद्दीन, सरोज कुमार उर्फ हरी यादव, रामचंद्र राम, मो. ज़ुबैर आलम, विश्वनाथ राम, मो. हैदर रजक, नुनू राय, लालाबाबू राम और संजय चौधरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व कार्यकर्ता मौजूद रहे।






