सकरा (मुजफ्फरपुर): शिक्षा के प्रति समर्पण और छात्रों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए संत जोसेफ प्रेप पब्लिक स्कूल, सरमस्तपुर (सकरा) ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को विद्यालय में नामांकन हेतु प्रवेश परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष जांच परीक्षा के लिए सबहा सुजावलपुर शाखा को केंद्र बनाया गया था, जहाँ सुबह से ही परीक्षार्थियों और अभिभावकों की भारी चहल-पहल देखी गई।
मेधावियों का जमावड़ा: 250 से अधिक बच्चों ने दी परीक्षा
विद्यालय के प्राचार्य दीपक मिश्र ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस सत्र में नामांकन के लिए क्षेत्र के बच्चों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। परीक्षा के लिए 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीकरण कराया था। परीक्षा अपने निर्धारित समय सुबह 10:30 बजे शुरू हुई और पूरी तरह से कदाचार मुक्त व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। प्रश्न पत्र को इस तरह तैयार किया गया था कि वह बच्चों की तार्किक क्षमता और रचनात्मकता का सही आकलन कर सके।
प्रबंधन का बड़ा फैसला: निःशुल्क बस सेवा की घोषणा
परीक्षा के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने छात्रों के हित में एक क्रांतिकारी घोषणा की। प्रबंधन के अनुसार, सबहा सुजावलपुर शाखा के वे छात्र जो वर्तमान में अपने निजी संसाधनों (साइकिल या अन्य वाहनों) से विद्यालय आते हैं, यदि वे उच्च शिक्षा या बेहतर समन्वय के लिए सरमस्तपुर (सकरा) शाखा में पढ़ाई करना चाहते हैं, तो उन्हें विद्यालय प्रशासन की ओर से निःशुल्क बस सेवा (Free Bus Facility) प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के यातायात के बोझ को कम करना और उन्हें सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराना है।
परिणाम और ‘स्पॉट नामांकन‘ की प्रक्रिया
प्राचार्य दीपक मिश्रा ने बताया कि प्रवेश परीक्षा का परिणाम 22 फरवरी 2026 को घोषित किया जाएगा। परिणाम जारी होने के साथ ही सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार और नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। जो छात्र किसी कारणवश आज की परीक्षा में शामिल होने से चूक गए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है; वे ‘स्पॉट नामांकन‘ (On-the-spot Admission) प्रक्रिया के माध्यम से इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे।
अभिभावकों ने की सराहना
केंद्र पर मौजूद अभिभावकों ने विद्यालय के अनुशासित माहौल और प्रबंधन द्वारा दी गई मुफ्त बस सेवा की सराहना की। अभिभावकों का कहना है कि आर्थिक संसाधनों की चिंता किए बिना अब उनके बच्चे बेहतर परिसर में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि स्कूल का विजन केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को हर प्रकार की सुविधा देकर उनके भविष्य को संवारना है।




