मुजफ्फरपुर, सकरा। उत्तर बिहार के प्रमुख जिलों में शुमार मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड अंतर्गत प्रगति मोड़ स्थित वेव वर्ल्ड स्कूल (मझौलिया) में 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव केवल एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और शैक्षणिक क्रांति के संकल्प का गवाह बना। 26 जनवरी 2026 की सुबह जब पूरा देश तिरंगे के सम्मान में नतमस्तक था, तब वेव वर्ल्ड स्कूल के प्रांगण में देशभक्ति का एक अनूठा जज्बा देखने को मिला। यहाँ शिक्षकों ने अपनी पेशेवर प्रतिबद्धता को राष्ट्र सेवा से जोड़ते हुए न सिर्फ तिरंगा फहराया, बल्कि समाज को शिक्षित करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान का बिगुल भी फूँका।

गणतंत्र की गरिमा और शिक्षकों का संकल्प
समारोह की शुरुआत सुबह विद्यालय के निदेशक राजीव गुप्ता और प्राचार्या दिव्या कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से ध्वजारोहण के साथ हुई। राष्ट्रगान की गूँज और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच पूरा परिसर तिरंगामय हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए एक अनुकरणीय पहल की।
आठ शिक्षकों ने एक साथ मिलकर मानव श्रृंखला (Human Chain) बनाई। यह श्रृंखला इस बात का प्रतीक थी कि समाज के निर्माण में शिक्षक एक सुदृढ़ कड़ी की तरह कार्य करते हैं। इस दौरान शिक्षकों ने सत्र 2026-2027 के लिए नामांकन जागरूकता संबंधी पोस्टर भी जारी किया। पोस्टर पर “वेलकम वेव वर्ल्ड स्कूल: एडमिशन सेशन ओपन” के माध्यम से अभिभावकों को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि बेहतर भविष्य के लिए बच्चों का सही उम्र में सही स्कूल से जुड़ना अनिवार्य है। शिक्षकों का मानना था कि एक शिक्षित बच्चा ही सशक्त गणतंत्र की नींव रख सकता है।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकी भारत की विविधता
गणतंत्र दिवस के इस गौरवशाली अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर अतिथियों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ निहारिका द्वारा प्रस्तुत ‘श्री गणेश वंदना‘ से हुआ, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

इसके बाद मंच पर सुरों और ताल का ऐसा संगम हुआ कि हर कोई तालियाँ बजाने पर मजबूर हो गया:
- बेटियों का सम्मान: सरस्वती और संजना ने ‘भारत की बेटी‘ गीत पर अपनी प्रस्तुति देकर समाज में नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित किया।
- बचपन और उमंग: श्रेया मेहता और सान्वी ने ‘दिल है छोटा सा‘ गाने पर नृत्य कर बचपन की मासूमियत बिखेरी।
- देशभक्ति का जोश: राष्ट्रभक्ति के गीतों की कड़ी में राजनन्दनी और पिहुरानी ने ‘तिरंगा ऊँचा रहेगा‘ गाकर सबका सीना फख्र से चौड़ा कर दिया। वहीं, सोनम ने ‘संदेशे आते हैं‘ के माध्यम से सीमाओं पर तैनात जवानों की याद दिला दी।
- सामाजिक चेतना: समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करते हुए अनु ने ‘जीना है तो पापा शराब मत पीना‘ जैसे संवेदनशील गीत के जरिए शराबबंदी और नशामुक्त समाज का संदेश दिया।
- संस्कृति और लोक: राधा कुमारी ने ‘जिस देश में गंगा बहती है‘ और रियांसी कुमारी ने ‘लंदन देखा पेरिस देखा‘ के जरिए भारतीय संस्कृति की महानता को दर्शाया।
- महापुरुषों को नमन: सोनम ने ‘हम भीम राव के बच्चे‘ गीत के जरिए संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- सिमा, श्रृष्टी, स्वाती, अनु, और अनामिका की टीम ने ‘लल्ला लल्ला लोरी‘ पर मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि निशात, कृतिक, शिवाशु और अंशु ने भी अपनी कला का प्रदर्शन कर खूब वाहवाही लूटी।

निदेशक का संबोधन: “इतिहास से सीखें युवा पीढ़ी”
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक राजीव गुप्ता ने बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम के अनसुने पन्नों से रूबरू कराया। उन्होंने वीर क्रांतिकारियों और अमर शहीदों की कहानियाँ सुनाते हुए कहा कि आज हम जिस आजाद हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे लाखों कुर्बानियाँ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुशासन और शिक्षा ही वह अस्त्र हैं, जिनसे हम अपने देश को विश्व गुरु बना सकते हैं।

प्राचार्या दिव्या कुमारी ने अपने संबोधन में शिक्षकों के समर्पण की सराहना की और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बच्चों और अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि वेव वर्ल्ड स्कूल केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देने के लिए कृतसंकल्पित है।
मंच संचालन और व्यवस्था
पूरे कार्यक्रम का सफल और ऊर्जावान मंच संचालन आदित्य कुमार और सन्नी कुमार ने किया। उनकी शायरी और उत्साहवर्धक टिप्पणियों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। इस अवसर पर शिक्षिका अदिबा सुल्ताना, रौशन खतून, अर्चना कुमारी, प्रियंका कुमारी और नेहा कुमारी ने कार्यक्रम के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाई।

समारोह के अंत में सभी बच्चों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। गणतंत्र दिवस का यह उत्सव सकरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा, विशेषकर शिक्षकों द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला ने शिक्षा के प्रति एक नई चेतना जागृत करने का कार्य किया है।




