सकरा (मुजफ्फरपुर)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भटंडी गांव की 18 वर्षीय जोया परवीन, जो रविवार शाम से लापता थी, उसका शव सोमवार सुबह बेझा गांव के एक सुनसान चौर (मैदानी इलाके) में बरामद हुआ। इस घटना ने पुलिस की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेझा गांव में घटना की जानकारी के बाद लोगो की उमड़ी भीड़, एवं  दाहिने की तस्‍वीर में  तहकीकात करती सकरा थाना की पुलिस   

सुबह आना” कहकर पिता को लौटाया

मृतिका के पिता मोहम्मद जसीम ने बताया कि उनकी बेटी रविवार शाम करीब 4:45 बजे से लापता थी। काफी खोजबीन के बाद जब वह नहीं मिली, तो परेशान पिता रात करीब 9:00 बजे सकरा थाने पहुंचे ताकि पुलिस की मदद ली जा सके। आरोप है कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने या खोजबीन शुरू करने के बजाय पिता को रात भर इंतजार करने और सुबह फोटो के साथ आवेदन देने की बात कहकर वापस भेज दिया।

बेबस पिता पूरी रात बेटी की सलामती की दुआ मांगते रहे, लेकिन सुबह 8:45 बजे एक अनजान संदेश ने उनकी दुनिया उजाड़ दी। संदेश पाकर जब वे बेझा चौर पहुंचे, तो वहां उनकी मंझली बेटी जोया का शव पड़ा मिला।

FSL और डॉग स्क्वायड की जांच

घटना की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हुई। आनन-फानन में FSL (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। अपराधियों का सुराग लगाने के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पिता ने नकारा तनाव का दावा, लगाया हत्या का आरोप

शुरुआती चर्चाओं में यह बात उठी कि इंटर की परीक्षा (अंग्रेजी विषय) में कम अंक आने के कारण छात्रा तनाव में हो सकती है। हालांकि, पिता मोहम्मद जसीम ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जोया किसी तनाव में नहीं थी, बल्कि उसके साथ ‘अन्याय और अत्याचार’ हुआ है। परिवार का मानना है कि जोया की हत्या की गई है।

पुलिस का पक्ष

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-02) मनोज कुमार सिंह ने बताया:

“सकरा थाना अंतर्गत बेझा गांव का एक चौर है जहाँ पर एक लड़की की डेड बॉडी यहाँ पर बरामद हुई है चौर में। प्रथम दृष्टया तो उसका पहचान नहीं हो पाया, तो उनको पोस्टमार्टम में भेज दिया गया है। साथ ही साथ एफएसएल की टीम द्वारा भी यहाँ का साक्ष्य संकलन किया गया है, डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया था और ये पहचान लड़की की हो गई है, वो भटंडी गाँव की ही एक व्यक्ति है जसीम उनकी पुत्री है जो कल से ही लापता थी। और अब सभी बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।”

गांव में मातम और आक्रोश

जोया अपने चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसकी मौत की खबर फैलते ही भटंडी गांव में मातम पसर गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि यदि पुलिस रात में ही सक्रियता दिखाती, तो शायद परिणाम कुछ और होता। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत की असल वजह साफ हो सके।


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