मुजफ्फरपुर सामूहिक हत्याकांड: FIR आवेदन से खुला सनसनीखेज सच, अपहरणकर्ताओं ने फोन पर दी थी ‘पूरे परिवार को खत्म करने’ की धमकी

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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बुढ़ी गंडक नदी किनारे एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों के शव दुपट्टे से बंधे हुए बरामद हुए हैं। इस मामले में मृतका के पति द्वारा पुलिस को दिए गए FIR आवेदन ने अपहरणकर्ताओं की खौफनाक साजिश और पुलिस की कथित सुस्ती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

अहियापुर थाने को दिए गये प्राथमिकी की कॉपी दिखाते हंए मृतका के पति कृष्ण मोहन कुमार

नदी किनारे बंधे मिले चार शव

स्थानीय चंदवारा घाट पुल के नीचे नदी किनारे स्थानीय लोगों ने जब चार शव देखे, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय ममता कुमारी, उनके 6 वर्षीय पुत्र आदित्य, 4 वर्षीय पुत्र अंकुश और 2 वर्षीय पुत्री कृति के रूप में हुई है। चारों की नृशंस हत्या कर शवों को नदी में फेंक दिया गया था।

FIR आवेदन में खौफनाक कॉल का खुलासा

मृतका के पति कृष्ण मोहन कुमार द्वारा अहियापुर थाने में दिए गए आवेदन (कांड संख्या 79/26) के अनुसार:

  • लापता होने की सूचना: 10 जनवरी 2026 को सुबह 11:00 बजे ममता बच्चों के साथ मार्केटिंग के लिए निकली थी और वापस नहीं लौटी।
  • धमकी भरा कॉल: 12 जनवरी की सुबह करीब 3:00 बजे मोबाइल नंबरों 9905528XXX और 8969725XXX से कृष्ण मोहन को कॉल आया।
  • अपहरण की कबूली: फोन करने वालों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ममता और बच्चों का अपहरण कर लिया है।
  • परिवार को खत्म करने की धमकी: अपराधियों ने साफ तौर पर कहा कि “अगर पुलिस को बताया तो तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मारकर फेंक देंगे।”
चंदवारा घाट पुल के नीचे नदी किनारे मिले चार शवों की तस्‍वीर

पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप

परिजनों का आरोप है कि 10 जनवरी को गुमशुदगी और 12 जनवरी को अपहरण व धमकी की लिखित जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। परिजनों का मानना है कि यदि पुलिस उन मोबाइल नंबरों को तत्काल ट्रेस करती, तो आज ये चार जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

पुलिस की लापरवाही पर भड़के लोग

परिजनों का आरोप है कि 10 जनवरी को गुमशुदगी और 12 जनवरी को धमकी भरे कॉल की जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर त्वरित कार्रवाई की होती, तो इन चार जिंदगियों को बचाया जा सकता था।

जांच और कार्रवाई

मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (FSL) और सर्विलांस की टीमें जांच में जुटी हैं। केस के अनुसंधानकर्ता एसआई मिथुन कुमार को बनाया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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