भागलपुर। जिले के किसानों की आय दोगुनी करने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला कृषि भवन परिसर में ‘किसान मेला सह मशरूम महोत्सव‘ का भव्य आयोजन किया गया। आत्मा के सौजन्य से आयोजित इस मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी और उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस महोत्सव में जिले के विभिन्न प्रखंडों के किसानों ने मशरूम से बने अपने अनूठे उत्पादों और नई तकनीकों का प्रदर्शन किया।

ब्रांडिंग और बाजार पर जोर: ‘सुधा‘ के काउंटरों पर मिलेगा भागलपुर का मशरूम
जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भागलपुर में मशरूम का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि मशरूम की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी पैकेजिंग और प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। डीएम ने यह भी साझा किया कि वे सुधा (कम्फेड) के प्रबंध निदेशक से बात करेंगे ताकि मशरूम उत्पादों को सुधा डेयरी के काउंटरों पर बिक्री के लिए जगह मिल सके, जिससे किसानों को सीधा बाजार और बेहतर मुनाफा मिल सके।
मशरूम लड्डू और अचार ने खींचा ध्यान
मेले का सबसे बड़ा आकर्षण मशरूम से बने मूल्यवर्धित उत्पाद रहे। स्टालों पर मशरूम का स्वाद चखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यहाँ निम्नलिखित उत्पाद प्रदर्शित किए गए:
- स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद: मशरूम लड्डू, मशरूम हॉर्लिक्स और मशरूम लस्सी।
- व्यंजन और स्नैक्स: मशरूम पकौड़ा, मशरूम पापड़ और विभिन्न प्रकार के अचार।
महिला किसान रेखा दीदी ने बताया कि उन्होंने औषधीय गुणों से भरपूर मशरूम लड्डू तैयार किया है। गुड़, सौंफ और मशरूम पाउडर से बना यह लड्डू जोड़ों के दर्द, शुगर, थायराइड और बीपी जैसी बीमारियों में ‘अमृत’ के समान लाभकारी है।
‘ड्रोन दीदी‘ और उन्नत बीज उत्पादन का प्रशिक्षण
खेती को स्मार्ट बनाने के लिए मेले में नई तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया:
- ड्रोन तकनीक: ऋषिकेश मिश्रा ने ‘ड्रोन दीदी‘ प्रोजेक्ट के बारे में बताया, जिसके तहत महिलाओं के समूहों को प्रशिक्षण के बाद 80% अनुदान पर ड्रोन दिए जाएंगे। इससे खेतों में कम समय में कीटनाशकों का छिड़काव संभव होगा और कृषि क्षेत्र में क्रांति आएगी।
- सस्ता और उन्नत बीज: विशेषज्ञ उदय सिंह ने किसानों को घर पर ही मशरूम का बीज (स्पॉन) तैयार करने की विधि सिखाई। उन्होंने बताया कि गेहूं को कैल्शियम कार्बोनेट के साथ उपचारित कर 8 दिनों में व्यवसायिक बीज तैयार किया जा सकता है, जो किसानों को कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
किसानों के लिए नई संभावनाएं
इस महोत्सव ने न केवल किसानों को अपनी उपज दिखाने का मंच दिया, बल्कि उन्हें बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से मशरूम उत्पादन के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और भागलपुर कृषि हब के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा।



