झूठे मुकदमे में फंसाने के खिलाफ समस्तीपुर में प्रदर्शन
समस्तीपुर, 16 फरवरी 2026 बिहार के गोपालगंज (भोरे) से भाकपा माले के जुझारू नेता और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) के बिहार राज्य अध्यक्ष, कॉ. जितेंद्र पासवान को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के खिलाफ आज समस्तीपुर की सड़कों पर प्रतिरोध मार्च निकाला गया । भाकपा माले और RYA के कार्यकर्ताओं ने इस अदालती फैसले को ‘अन्यायपूर्ण’ और ‘राजनीतिक साजिश’ करार देते हुए “प्रतिरोध दिवस” के रूप में मनाया।

मालगोदाम चौक से गूंजा इंकलाब का नारा
प्रतिरोध मार्च की शुरुआत समस्तीपुर शहर के व्यस्त मालगोदाम चौक से हुई। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में लाल झंडे और बड़े बैनर थामे हुए थे, जिन पर साफ तौर पर लिखा था— “कॉ. जितेंद्र पासवान और अन्य साथियों को उम्रकैद की सजा के अन्यायपूर्ण फैसले के खिलाफ प्रतिरोध दिवस।” मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “इंकलाब जिंदाबाद”, “कॉ. जितेंद्र पासवान को रिहा करो” और “नितीश कुमार जवाब दो” जैसे नारों से पूरा सड़क गूंज उठा।
साजिश के तहत फंसाने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जितेंद्र पासवान गरीबों, दलितों और शोषितों की आवाज रहे हैं। उन्हें एक पुराने और झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजना लोकतंत्र की हत्या है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार जन-नेताओं को जेल भेजकर जनता के आंदोलनों को कुचलना चाहती है। प्रदर्शनकारी बार-बार “जेल का फाटक टूटेगा, जितेंद्र पासवान छूटेगा” के संकल्प को दोहरा रहे थे।
प्रमुख नेताओं की उपस्थिति और नेतृत्व: इस व्यापक आंदोलन का नेतृत्व भाकपा माले के जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल सड़क तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर मजबूती से लड़ा जाएगा। सभा में रौशन कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार, महावीर पोद्दार, फूल बाबू सिंह, दीपक यदुवंशी,अमित कुमार, अजय कुमार सहित भारी संख्या में युवा और वरिष्ठ नेता शामिल हुए,
भाकपा माले के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जितेंद्र पासवान के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लिया गया और उन्हें न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन गोपालगंज और समस्तीपुर से निकलकर पूरे बिहार में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेगा।




