समस्तीपुर | 11 अप्रैल 2026 नालंदा जिले के नूरसराय में प्रजापति समाज की महिला के साथ हुई रूह कंपा देने वाली अमानवीय घटना के विरोध में आज समस्तीपुर की सड़कें आक्रोश और न्याय की मांग से गूंज उठीं। प्रजापति समन्वय समिति के बैनर तले आयोजित इस विशाल कैंडल मार्च ने शासन और प्रशासन को कड़ा संदेश दिया है कि अब नारी सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं होगा।

न्याय की लौ: नूरसराय (नालंदा) की घटना के विरोध में समस्तीपुर समाहरणालय पर कैंडल मार्च निकालते प्रजापति समन्वय समिति के सदस्य एवं आक्रोशित ग्रामीण।

समाहरणालय से शुरू हुआ आक्रोश का सफर

सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग हाथों में जलती कैंडल और इंसाफ की तख्ती लेकर समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के गेट पर एकत्रित हुए। यहाँ से शुरू हुआ मार्च पूरे जिला मुख्यालय का भ्रमण करते हुए वापस समाहरणालय पर एक सभा में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों के नारों से पूरा वातावरण आवेशित रहा, जिसमें दोषियों को फांसी देने और मां-बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख थी।

स्पीडी ट्रायल चलाकर दरिंदों को मिले फांसी”

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार की कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा:

“नूरसराय की घटना मानवता पर कलंक है। हम मांग करते हैं कि इस मामले का स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को ऐसी सजा दी जाए जो मिसाल बने। अगर हमारी बेटियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं मिली, तो यह आंदोलन जिला मुख्यालय से निकलकर पूरे प्रदेश में फैलेगा।”

जिलाधिकारी को सौंपा मांगपत्र, दी चेतावनी

मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने मौके पर उपस्थित मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दोषियों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

मौके पर मौजूद रहे: प्रमोद कुमार पंडित, महेंद्र पंडित, लक्ष्मी पंडित, दिलीप कुमार प्रजापति, सोहन कुमार पंडित, रामदयाल पंडित, योगेन्द्र पंडित, राजेश पंडित, सुरेंद्र पंडित, राकेश पंडित, राम प्रह्लाद पंडित, मोहन पंडित, बृजमोहन पंडित, मनोज पंडित, रामाशीष पंडित एवं भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग।


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