जमुई की पुष्पांजलि और वैशाली की सरीन संयुक्त रूप से स्टेट टॉपर; टॉप-10 में 139 विद्यार्थियों ने बनाई जगह
पटना | मुख्य संवाददाता बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने रविवार को मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नतीजों को जारी किया। इस वर्ष कुल 81.79% परीक्षार्थी सफल रहे हैं। इंटर के बाद मैट्रिक में भी लड़कियों ने बाजी मारी है। उत्तीर्ण होने वाली छात्राओं की संख्या 6,34,353 है, जबकि 6,01,390 छात्र सफल हुए हैं।

बेटियों ने हासिल किया शीर्ष स्थान
इस बार प्रदेश की दो बेटियों ने संयुक्त रूप से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। सिमुलतला आवासीय विद्यालय (जमुई) की पुष्पांजलि कुमारी और उच्च माध्यमिक विद्यालय, छौड़ाही (वैशाली) की सरीन परवीन ने 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर टॉप किया है। दूसरे स्थान पर बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना (97.8%) रहीं। वहीं तृतीय स्थान पर संयुक्त रूप से बक्सर की अनुपा कुमारी और बेगूसराय के ओमकार कुमार (97.6%) रहे।
रिकॉर्ड समय में रिजल्ट, बिहार फिर बना नंबर-1
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने मार्च महीने में ही इंटर और मैट्रिक दोनों के परिणाम घोषित कर दिए हैं। बोर्ड ने मात्र 12 दिनों के मूल्यांकन के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा, “हमारी तकनीक और ‘बेस्ट प्रैक्टिसेस’ को अब राजस्थान और गोवा जैसे राज्य भी अपना रहे हैं।”
टॉपरों के लिए इनाम की राशि हुई दोगुनी
बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने मेधावी छात्रों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इस बार पुरस्कार राशि दोगुनी कर दी गई है:
- प्रथम स्थान: 2 लाख रुपये, लैपटॉप, मेडल और प्रशस्ति पत्र।
- द्वितीय स्थान: 1.5 लाख रुपये, लैपटॉप और मेडल।
- तृतीय स्थान: 1 लाख रुपये, लैपटॉप और मेडल।
- 4थे से 10वें स्थान तक: 20,000 रुपये और लैपटॉप।
रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र 1 अप्रैल से करें आवेदन
जो छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं या अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि 1 अप्रैल से 7 अप्रैल के बीच स्क्रूटनी और ‘विशेष सह पूरक परीक्षा’ के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। इस परीक्षा का रिजल्ट मई में ही जारी कर दिया जाएगा ताकि छात्रों का साल बर्बाद न हो।
एक नजर आंकड़ों पर:
| विवरण | संख्या / प्रतिशत |
| कुल परीक्षार्थी | 15,10,928 |
| कुल सफल छात्र | 12,35,743 (81.79%) |
| प्रथम श्रेणी | 4,43,723 |
| द्वितीय श्रेणी | 4,75,511 |
| तृतीय श्रेणी | 3,03,103 |
| टॉप 10 में शामिल छात्र | 139 |
शिक्षा मंत्री की अपील: “अभिभावक कम अंक आने पर बच्चों पर मानसिक दबाव न बनाएं। उन्हें प्रोत्साहित करें ताकि वे पूरक परीक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।”








