पटना। बिहार सरकार ने राज्य के छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना के तहत अब राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों की स्थापना की जा रही है।

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

सबके लिए शिक्षा, सबकी उन्नति

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के ‘डिजिटल डिवाइड’ को कम करना है। इस योजना का स्लोगन डिजिटल लाइब्रेरी से प्रगति” रखा गया है, जो राज्य के युवाओं को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के संकल्प को दर्शाता है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • आधुनिक सुविधाएं: इन केंद्रों पर हाई-स्पीड इंटरनेट, ई-बुक्स, और आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध होंगे।
  • व्यापक पहुंच: राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में केंद्र होने से दूर-दराज के गांवों के छात्रों को भी शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद: छात्र यहां बैठकर यूपीएससी, बीपीएससी, बैंकिंग और रेलवे जैसी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन स्टडी मटेरियल का उपयोग कर सकेंगे।
  • नि:शुल्क संसाधन: इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और संसाधन सुलभ होंगे।

बदलेगी बिहार की शैक्षणिक तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिहार के युवाओं को न केवल शिक्षित करेगी, बल्कि उन्हें डिजिटल रूप से साक्षर बनाकर रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री की इस पहल से “सबके लिए शिक्षा” का सपना अब हकीकत में बदलता नजर आ रहा है।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here