समस्तीपुर में बाल यौन अपराध (पोक्सो ) और किशोर न्याय अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न
100 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण; 600 बेटियों को बाल विवाह से बचा चुकी है संस्था
समस्तीपुर | 18 मार्च, 2026 | कार्यालय संवाददाता
बच्चों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। शहर के जननायक कर्पूरी ठाकुर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) और किशोर न्याय अधिनियम’ रहा।

संवेदनशीलता ही बचाव का रास्ता
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि आरक्षी उपाधीक्षक (यातायात) आशीष राज, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रंजू कुमारी, संस्था के सचिव सुरेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन संबोधन में डीएसपी आशीष राज ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून में कड़े प्रावधान हैं, लेकिन सफलता तभी मिलेगी जब सरकार और समाज दोनों ‘सजग और संवेदनशील’ होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा:
“आज का यह प्रशिक्षण हमारे पुलिस पदाधिकारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यदि हम संवेदनशील हों, तभी बाल यौन शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम और बाल दूर्व्यपार (ह्यूमैन ट्रैफकिंग) जैसी कुरीतियों से अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं।”

कानून की बारीकियों पर चर्चा
कार्यशाला में प्रशिक्षक भगवान पाठक ने किशोर न्याय कानून और पुलिस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, प्रशिक्षक प्रकाश कुमार ने पोक्सो एक्ट के तहत सजा के कड़े प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास निगम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि निगम पोक्सो पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाने और उनके पुनर्वास व बेहतर आवासन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र का सेवा सफर
संस्था के सचिव सुरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि संस्था ने अब तक:
- 150 पोक्सो पीड़िताओं को मनोसामाजिक और कानूनी सहायता प्रदान की है।
- 1700 बच्चों को बाल श्रम के दलदल से निकालकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा है।
- 600 ऐसी नाबालिग बेटियों की शादी रुकवाई, जिनका विवाह तय हो चुका था।
- 3000 से अधिक परिवारों को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूक किया गया है।
उन्होंने इस सफलता के लिए जिला प्रशासन, श्रम संसाधन विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस के सहयोग की सराहना की।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों से आए 100 से अधिक थानाध्यक्षों और बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में दूर देहात के सचिव प्रभु नारायण झा, चेतना सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद कुमार राय, अर्जुन प्रसाद सिंह, मयंक कुमार सिन्हा, अनुष्का कुमारी, पैरवी (नई दिल्ली) की कार्यक्रम समन्वयक वीभा कुमारी, और चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक शंकर मल्लिक सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।



