समस्तीपुर। रंगों के त्योहार होली की पूर्व संध्या पर सोमवार को शहर के माधुरी चौक पर उत्साह और उमंग का माहौल रहा। रेल विकास-विस्तार मंच एवं समस्तीपुर जिला विकास संघर्ष मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य ‘होली मिलन समारोह’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की खास बात इसका पारंपरिक स्वरूप रहा, जहाँ आधुनिक शोर-शराबे के बजाय मिथिला की पारंपरिक फगुआ गायकी ने लोगों का मन मोह लिया।

पारंपरिक होली गायन का आकर्षण
समारोह के दौरान स्थानीय कलाकारों और कार्यकर्ताओं ने ढोल-मजीरों की थाप पर “होली है, बरजखोरी है रे रसिया…” और “आज बिरज में होली है रसिया…” जैसे सुप्रसिद्ध फाग गीतों की प्रस्तुति दी। माधुरी चौक पर गूंजते इन गीतों ने पूरे वातावरण को भक्ति और हर्षोल्लास से भर दिया। कृष्ण और राधा के प्रेम और ब्रज की होली के प्रसंगों वाले इन गीतों ने राहगीरों को भी रुकने पर मजबूर कर दिया।
सामाजिक सौहार्द का संदेश
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी कटुता को मिटाकर प्रेम और भाईचारे को गले लगाने का पर्व है। रेल विकास-विस्तार मंच ने इस माध्यम से शहर के विकास के संकल्प के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति को जीवित रखने का संदेश भी दिया।
मुख्य रूप से उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने शिरकत की। उपस्थित रहने वाले मुख्य व्यक्तियों में शामिल थे:
- राम विनोद
- जीबछ पासवान
- अरुण कुमार राय एवं राजेंद्र राय
- पिंकू पासवान एवं रामलाल राम
- संतोष कुमार निराला, डोमन राय एवं विश्वनाथ सिंह हजारी
- रंभू राय, नंदू महतो, शाहीद हुसैन
- मनोज कुमार राय, सुधीर प्रसाद गुप्ता और रामदयालू महतो
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।



