सकरा (मुजफ्फरपुर)। सकरा बाजिद स्थित स्मारक स्थल कार्यालय पर सोमवार को पूर्व विधायक व बिहार विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक स्व० फकीरचंद राम की 83वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर अखिल भारत अनुसूचित जाति परिषद के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (AICC) के सदस्य उमेश कुमार राम सहित दर्जनों गणमान्य व्यक्तियों ने उनके स्मारक और चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

नौकरी छोड़ समाज सेवा को चुना: एक प्रेरणादायी सफर
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उमेश कुमार राम ने स्व. फकीरचंद राम के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे त्याग और सादगी की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने कहा, “फकीरचंद जी छात्र जीवन से ही राजनीति और समाज के प्रति सजग थे। जनसेवा के प्रति उनका जुनून इतना प्रबल था कि उन्होंने अपनी सुरक्षित सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और सकरा (सु.) विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनकर जनता की सेवा की।”
शिक्षा और विकास के लिए आजीवन संघर्ष
वक्ताओं ने याद किया कि सकरा कॉलेज के सरकारीकरण का श्रेय फकीरचंद राम जी को ही जाता है। उन्होंने ढोली फिशरी कॉलेज की स्थापना और पूरे सकरा व मुरौल प्रखंड के चौतरफा विकास के लिए जो बुनियादी ढांचा तैयार किया, वह आज भी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर है। वे ताउम्र गरीबों और पिछड़ों के हक के लिए संघर्षरत रहे।

सामाजिक सरोकार: बच्चों के बीच बांटी गई पठन सामग्री
जयंती के पावन अवसर पर उमेश कुमार राम ने उपस्थित लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच मिठाई वितरण किया। शिक्षा के प्रति उनके लगाव को देखते हुए बड़ी संख्या में आए स्कूली बच्चों के बीच कॉपी और कलम का वितरण किया गया, ताकि नई पीढ़ी उनके पदचिह्नों पर चल सके।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सकरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार राम, कांग्रेस नेता व प्रखर अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी की प्रदेश प्रतिनिधि अनीता देवी, राजद मीडिया के चेयरमैन प्रशांत राज, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मो० गुलाम मैनुद्दीन, कांग्रेस नेता डा० मनीष यादव, मो० हैदर रजक, शशी भूषण राय, सरोज कुमार उर्फ हरी यादव, राहुल कुमार, राजू राम, पॄथवी पासवान, और नुनू राय उपस्थित थे।
इनके साथ ही शिवम कुमार, श्रद्धा खुशी, सिद्धार्थ कुमार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



