धनबाद/हाजीपुर । पूर्व मध्य रेल ने रेल परिचालन के क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। ‘मिशन रफ्तार’ के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन से धनबाद जंक्शन के बीच ग्रैंडकॉर्ड रेलखंड पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पेशल ट्रेन का सफलतापूर्वक स्पीड ट्रायल किया गया। पूर्व मध्य रेल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी ट्रेन को इस अधिकतम गति के साथ परिचालित किया गया है।

महाप्रबंधक के नेतृत्व में हुआ परीक्षण
यह महत्वपूर्ण परीक्षण पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह के सीधे नेतृत्व में संपन्न हुआ। डीडीयू से प्रधानखांटा के बीच किए गए इस ट्रायल के दौरान ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा मानकों को परखा गया। 180 किमी/घंटा की इस गति ने भविष्य में इस रूट पर हाई-स्पीड ट्रेनों के परिचालन की संभावनाओं को और प्रबल कर दिया है।

बुनियादी ढांचे का गहन निरीक्षण
स्पीड ट्रायल के साथ-साथ महाप्रबंधक ने निमियाघाट-पारसनाथ रेलखंड के मध्य सुरक्षा और बुनियादी ढांचे का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने समपार फाटक संख्या 12/C/E पर नवनिर्मित एल.एच.एस. (लिमिटेड हाइट सबवे) का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को संरक्षा के मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर धनबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अखिलेश मिश्र सहित मुख्यालय एवं मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। रेल प्रशासन ने इस ट्रायल की सफलता को परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।
मुख्य बिंदु:
- रफ्तार: 180 किमी प्रति घंटा (पूर्व मध्य रेल में पहली बार)।
- रूट: ग्रैंडकॉर्ड रेलखंड (डीडीयू जंक्शन से धनबाद/प्रधानखांटा)।
- निरीक्षण: निमियाघाट-पारसनाथ के बीच नए सबवे (LHS) का जायजा लिया गया।





