पटना | बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर बड़े आंदोलन का केंद्र बनने जा रही है। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ ने केंद्र सरकार की नीतियों और विशेष रूप से यूजीसी (UGC) 2026 बिल के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान कर दिया है। संघ ने इसे ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ करार देते हुए 29 अप्रैल को ऐतिहासिक गांधी मैदान में जुटने का आह्वान किया है।

29 अप्रैल: गांधी मैदान से गूंजेगी क्रांति की आवाज
पटना में सम्पन्न अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ की कार्य समिति की बैठक के बाद संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इन्द्र कुमार सिंह चन्द्रापुरी ने कहा कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के बहुजन, पिछड़े और वंचित समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए एक नई क्रांति की शुरुआत है। मौजूदा नीतियां पिछड़ों के आरक्षण और शैक्षणिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। 29 अप्रैल के इस प्रदर्शन में बिहार के कोने-कोने से लाखों लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
UGC 2026 बिल: विवाद की मुख्य जड़
आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा यूजीसी रेगुलेशन 2026 है। हालांकि सरकार इसे शिक्षण संस्थानों में समानता लाने वाला कदम बता रही है, लेकिन पिछड़ा वर्ग संघ और कई छात्र संगठनों ने इसके प्रावधानों पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
- आरक्षण की स्वायत्तता पर खतरा: संघ का आरोप है कि नए नियमों के जरिए विश्वविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया और दाखिलों में पिछड़ों (OBC) के संवैधानिक आरक्षण को परोक्ष रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
- निजीकरण को बढ़ावा: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिल के कुछ प्रावधान उच्च शिक्षा में निजी निवेश के नाम पर सरकारी संस्थानों को कमजोर करेंगे, जिससे पिछड़ों और दलितों के लिए शिक्षा महंगी और दुर्लभ हो जाएगी।
- जवाबदेही का अभाव: संघ ने यह मुद्दा भी उठाया है कि बिल में शिकायतों के निपटारे के लिए जो तंत्र बनाया गया है, वह पारदर्शी नहीं है और उसमें वंचित वर्गों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं किया गया है।
‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ क्यों?
संघ के प्रतिनिधियों ने प्रेस वार्ता में कहा, “पहली आजादी हमें अंग्रेजों से मिली थी, लेकिन आज हमें अपने ही तंत्र में हकों की चोरी से लड़ना पड़ रहा है। UGC 2026 जैसे बिल हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में धकेल देंगे। इसलिए हम इसे आजादी की दूसरी लड़ाई कह रहे हैं।”
देशभर से जुटेंगे दिग्गज नेता
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इन्द्र कुमार सिंह चन्द्रापुरी के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्य अतिथियों में:
- छत्तीसगढ़ से शत्रुघ्न सिंह साहू
- उत्तर प्रदेश से सी.एल. गंगवार
- महाराष्ट्र से प्रदीप डोबले
- झारखंड से रामदेव विश्वबंधु
आयोजन का विवरण
- स्थान: गेट नंबर-1, गांधी मैदान, पटना।
- दिनांक: 29 अप्रैल, बुधवार।
- समय: सुबह 11:00 बजे।
- मुख्य एजेंडा: UGC 2026 बिल की वापसी और पिछड़ों के अधिकारों की सुरक्षा।
राजनीतिक हलचल तेज
29 अप्रैल के इस प्रस्तावित प्रदर्शन ने बिहार की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। विपक्षी दलों ने इस आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन देने का संकेत दिया है, वहीं प्रशासन भी गांधी मैदान में होने वाली इस विशाल रैली को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने में जुट गया है।
यह खबर पटना में बढ़ते सामाजिक-राजनीतिक असंतोष और शिक्षा नीति में बदलावों को लेकर हो रहे विरोध को दर्शाती है। 29 अप्रैल का यह प्रदर्शन भविष्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।




