समस्तीपुर। ताजपुर के भेरोखरा निवासी मनीष पोद्दार और उनके परिवार पर हुई पुलिसिया बर्बरता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मनीष पोद्दार को ‘थर्ड डिग्री टॉर्चर’ देने और उनके परिजनों की पिटाई के आरोपी थानाध्यक्ष एवं आईओ (अनुसंधान अधिकारी) के निलंबन को भाकपा माले ने नाकाफी बताया है। माले ने अब दोषियों की बर्खास्तगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

दोषियों को सस्पेंड नहीं, बर्खास्त करे सरकार: माले
भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार सिंह द्वारा की गई निलंबन की कार्रवाई को ‘आधा-अधूरा’ कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिसिया जुल्म जिस स्तर का था, उसमें महज निलंबन न्याय नहीं है।
माले नेता ने आरोप लगाया कि भेरोखरा निवासी संजय पोद्दार के पुत्र मनीष पोद्दार के साथ अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी गईं। पुलिस ने न केवल मनीष के निजी अंगों में पेट्रोल डाला और बर्बरता की, बल्कि उसकी पत्नी को भी चार दिनों तक अवैध रूप से हाजत में बंद रखा। इस दौरान मनीष के पिता और पत्नी के साथ भी मारपीट की गई।
DM और SDM को सौंपा स्मार पत्र
बृहस्पतिवार को भाकपा माले के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा और अनुमंडलाधिकारी दीलीप कुमार से मुलाकात कर एक स्मार पत्र सौंपा। इसमें पुलिसिया दमन के साथ-साथ प्रखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया है।

माले की प्रमुख मांगें:
- दोषी पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्ष को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए।
- सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘घूस लेते अंचल कर्मचारी’ के वीडियो की उच्च स्तरीय जांच हो।
- सभी भूमिहीनों को वास भूमि और सरकारी जमीन पर बसे लोगों को बंदोबस्ती का पर्चा दिया जाए।
- आवास योजना में जारी खुलेआम घूसखोरी पर तत्काल रोक लगे।
- वंचित गांव-टोलों में संपर्क पथ (सड़क) का निर्माण सुनिश्चित हो।
24 जनवरी को ‘न्याय आंदोलन‘ का आह्वान
प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने घोषणा की कि इन मांगों के समर्थन में और पुलिसिया गुंडागर्दी के खिलाफ 24 जनवरी को ताजपुर के राजधानी चौक पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक विशाल मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। उन्होंने ताजपुर की जनता से अपील की है कि वे इस ‘न्याय आंदोलन’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें ताकि शासन-प्रशासन को जगाया जा सके।



