समस्तीपुर/ताजपुर | 24 जनवरी 2026 ब्यूरो रिपोर्ट
सामाजिक न्याय के मसीहा और ‘भारत रत्न’ जननायक कर्पूरी ठाकुर की याद में आज ताजपुर की सड़कें जन-आंदोलन की गवाह बनीं। भाकपा माले के बैनर तले प्रखंड मुख्यालय के राजधानी चौक पर कार्यकर्ताओं और आम जनता ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर सरकार का ध्यानाकर्षण किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य कर्पूरी ठाकुर के अधूरे कार्यों को पूरा करने और क्षेत्र की लंबित विकास परियोजनाओं को गति देना था।

“अधूरे कार्य पूरे करना ही सच्ची श्रद्धांजलि”
मानव श्रृंखला को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने दो टूक कहा, “जननायक को केवल याद करना काफी नहीं है। उनके द्वारा शुरू किए गए जनहित के कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर दशकों बाद भी कर्पूरी ठाकुर की योजनाएं अधूरी क्यों हैं?
क्षेत्रीय विकास के लिए उठी मांगें
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने ताजपुर और समस्तीपुर की उपेक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- ताजपुर का गौरव: आसिफ होदा ने मांग की कि जननायक की कर्मभूमि रहे ताजपुर को पुनः विधानसभा और अनुमंडल का दर्जा दिया जाए।
- परियोजनाएं: ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने किसान हितैषी जमुआरी नदी परियोजना को अविलंब पूरा करने की मांग की।
- रेल और बुनियादी ढांचा: मो० एजाज ने कर्पूरीग्राम-ताजपुर-भगवानपुर रेल लाइन, दूधपुरा हवाई अड्डा, मुक्तापुर रेल ओवरब्रिज और रोसड़ा को जिला बनाने की मांगों को पुरजोर तरीके से रखा।
भ्रष्टाचार और पुलिसिया उत्पीड़न पर कड़ा प्रहार
मानव श्रृंखला के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने “मनीष पोद्दार को टॉर्चर करने वाले पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करो” और “घूसखोर राजस्व कर्मचारी की जांच करो” जैसे नारों से माहौल गरमा दिया। इसके साथ ही बंद पड़ी चीनी व पेपर मिलों को चालू करने, यूरिया की कालाबाजारी रोकने और भूमिहीनों को पर्चा देने की मांग की गई।

चेतावनी: मांगों की अनदेखी पर तेज होगा संघर्ष
भाकपा माले ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि सरकार जनहितैषी मुद्दों और ताजपुर की विकास योजनाओं पर जल्द फैसला नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
मौके पर मौजूद रहे: इस कार्यक्रम में आसिफ होदा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, मो० एजाज, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, संजीव राय, चांद बाबू, संतोष साह, शाद तौहीदी, मो० मोखलिस समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल की तैनाती भी देखी गई।




