मोतिहारी/पटना। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार में नीतीश सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान आज उस वक्त और तेज दिखा, जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की टीम ने पूर्वी चम्पारण के आदापुर थाने में तैनात एक निजी मुंशी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

कानून के फंदे में घूसखोर: निगरानी विभाग की टीम द्वारा 14,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया आदापुर थाने का मुंशी इन्तेखाब आलम (लाल घेरे में)।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, आदापुर थाना अंतर्गत बखरी गांव के निवासी आफताब अंसारी ने हथियार के लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था। थानाध्यक्ष द्वारा सत्यापन (Verification) कराने और रिपोर्ट भेजने के एवज में थाने का निजी मुंशी इन्तेखाब आलम लगातार रुपयों की मांग कर रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी ब्यूरो कार्यालय में की।

जाल बिछाकर दबोचा गया आरोपी

शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले की गुप्त जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्ण के नेतृत्व में एक विशेष ‘धावादल’ (Raid Team) का गठन किया गया।

शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को जैसे ही आरोपी मुंशी इन्तेखाब आलम ने आदापुर स्थित जमुनापुर चौक पर पीड़ित से 14,000 रुपये की घूस ली, वैसे ही सादे लिबास में तैनात निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से चौक पर हड़कंप मच गया।

मुजफ्फरपुर कोर्ट में होगी पेशी

गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को लेकर पटना रवाना हो गई है। पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को मुजफ्फरपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इस खेल में और कौन-कौन शामिल है, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है।


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