हसनपुर के मंगलगढ़ में 907 घरों को बुल्डोजर से ढहाने और हमले के विरोध में भाकपा (माले) व खेग्रामस ने भरी हुंकार
समस्तीपुर | 9 मार्च, 2026 शहर के लेनिन आश्रम मालगोदाम चौक परिसर में सोमवार को अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। शहरी मजदूर महेंद्र साह की अध्यक्षता और मनोज पोद्दार के संचालन में हुई इस बैठक में जिले के विभिन्न अंचलों में गरीबों और भूमिहीनों को उजाड़ने की कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।

मंगलगढ़ कांड पर फूटा गुस्सा
बैठक को संबोधित करते हुए खेग्रामस के जिला प्रभारी सह राज्य उपाध्यक्ष जीवछ पासवान और मनरेगा संघ के जिला प्रभारी उपेंद्र राय ने कहा कि हसनपुर अंचल के मंगलगढ़ में सामंतों, पुलिस और गुंडों के गठजोड़ ने 907 गरीब परिवारों के घरों को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान जानलेवा हमले में दर्जनों लोग घायल हुए। वक्ताओं ने मांग की कि उजाड़े गए इन सभी परिवारों का तुरंत पुनर्वास किया जाए और उन्हें बासगीत पर्चा दिया जाए।
कुष्ठ कॉलोनी के निवासियों को मिले मालिकाना हक
नेताओं ने शहर के मालगोदाम चौक से पूर्व स्थित कुष्ठ कॉलोनी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999-2000 में तत्कालीन डीएम और रेल प्रबंधक द्वारा बसाए गए इन शहरी गरीबों और भिक्षुकों को अब तक बासगीत पर्चा नहीं मिला है, जो उनके अधिकारों का हनन है। प्रशासन को अविलंब इन्हें स्थाई स्वामित्व देना चाहिए।
12 मार्च से अनिश्चितकालीन प्रदर्शन
भाकपा (माले) जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि:
- ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से बसे गरीबों को अंचलाधिकारी द्वारा दिए गए बेदखली के नोटिस वापस लिए जाएं।
- सरकारी जमीन, मालिकाना जमीन और पोखरों के भिंडा पर बसे भूमिहीनों को बासगीत पर्चा देकर नियमित किया जाए।

इन मांगों के समर्थन में 12 मार्च से जिला समाहर्ता के समक्ष सरकारी बस स्टैंड परिसर में भाकपा (माले) और खेग्रामस के संयुक्त बैनर तले ‘डेरा डालो-घेरा डालो‘ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जो अनिश्चितकालीन चलेगा।

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक को मोस्मात ज्ञांति देवी, चिंता देवी, पवन देवी, वीरेंद्र शर्मा, राहुल कुमार, विजेंद्र नट, संगीता देवी और सोमनी देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।






