क्‍या हम स्वयं के प्रोग्रामर हैं? : क्या एक नन्हे बीज की ‘कोडिंग’ में छिपा है ब्रह्मांड का स्व-संचालन?

एक नन्हा सा बीज, जो हफ्तों तक मिट्टी के अंधकार में मौन पड़ा रहता है, अचानक कैसे जान जाता है कि उसे एक विशाल वटवृक्ष की यात्रा शुरू करनी है? क्या यह केवल एक जैविक प्रक्रिया है या किसी ‘कॉस्मिक सुपर-कंप्यूटर’ द्वारा लिखा गया कोई अनंत ‘सॉफ्टवेयर कोड’? आधुनिक विज्ञान और प्राचीन दर्शन अब एक … Continue reading क्‍या हम स्वयं के प्रोग्रामर हैं? : क्या एक नन्हे बीज की ‘कोडिंग’ में छिपा है ब्रह्मांड का स्व-संचालन?