किसान रजिस्ट्री में खाता नंबर की अनिवार्यता किसानों को सरकारी लाभ से वंचित करने की साजिश: किसान महासभा

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ताजपुर/समस्तीपुर | अखिल भारतीय किसान महासभा की प्रखंड कमेटी की एक विस्तारित बैठक मोतीपुर (वार्ड 26) में आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने सरकार द्वारा आनन-फानन में लागू की जा रही फार्मर रजिस्ट्री योजना पर तीखा प्रहार किया और इसे किसानों के हक पर डाका डालने की साजिश करार दिया।

रजिस्ट्री से बाहर होंगे किसान, सब्सिडी पर मंडराया संकट

बैठक को संबोधित करते हुए महासभा के जिला सचिव ललन कुमार ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री में खाता नंबर की अनिवार्यता किसानों को ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ से वंचित करने की एक गहरी साजिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब डीजल अनुदान, खाद-बीज सब्सिडी, फसल क्षति मुआवजा और कृषि यंत्रीकरण जैसे तमाम लाभ इसी रजिस्ट्री के आधार पर मिलेंगे। यदि पोर्टल में खामियां रहीं, तो किसान इन सभी सरकारी योजनाओं से पूरी तरह कट जाएंगे।

ऑनलाइन पोर्टल की खामियों पर उठाए सवाल

अध्यक्षता कर रहे प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने तकनीकी पहलुओं पर सरकार को घेरते हुए कहा:

  • शून्य खाता-खेसरा: अधिकांश ऑनलाइन जमाबंदी पर खाता-खेसरा शून्य अंकित है।
  • पुराने नाम: जमीन अब भी दादा-परदादा के नाम पर दर्ज है, जिसे सुधारने में प्रशासन विफल रहा है।
  • सुधार की मांग: सरकार पहले ‘राजस्व महाभियान’ के आवेदनों का निष्पादन करे और पोर्टल पर एक से अधिक जमाबंदी दर्ज करने की सुविधा दे।
  • नए प्रावधान: उन्होंने मांग की कि किसान रजिस्ट्री में वंशावली और LPC को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

बटाईदार किसानों की अनदेखी

भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि वर्तमान में बटाईदारी खेती का प्रचलन बढ़ा है, लेकिन इस योजना में बटाईदारों के लिए कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने इसे केंद्र की मोदी सरकार की किसान विरोधी नीति बताते हुए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।

आंदोलन की रूपरेखा: विधानसभा तक गूंजेगी आवाज

बैठक में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है:

  1. 9 फरवरी 2026: मांगों के समर्थन में प्रखंड मुख्यालय का घेराव।
  2. 23 फरवरी 2026: राज्य सरकार को जगाने के लिए विधानसभा का घेराव।
  3. संगठन विस्तार: सदस्यता अभियान में तेजी लाने और पंचायत/प्रखंड सम्मेलनों के आयोजन का निर्णय।

उपस्थिति: बैठक का संचालन ललन दास ने किया। इस दौरान मुंशीलाल राय, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, कैलाश सिंह, मोती लाल सिंह, शंकर महतो, मकसुदन सिंह, अनील सिंह, संजय कुमार सिंह, रंजीत कुमार सिंह समेत दर्जनों किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।


प्रमुख सुर्खियां :

  • साजिश: किसान रजिस्ट्री में खाता नंबर की अनिवार्यता किसानों को लाभ से रोकने का जरिया – ललन कुमार।
  • चेतावनी: 9 फरवरी को अपनी मांगों के लिए प्रखंड मुख्यालय घेरेंगे किसान – ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह।
  • मांग: फार्मर रजिस्ट्री में वंशावली और LPC को भी मिले जगह – ललन दास।

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