एम.डी.डी.एम. कॉलेज में बुस्टा की हुंकार: नव-वर्ष मिलन समारोह में बोले शिक्षक नेता— ‘हक के लिए सत्ता से टकराना होगा’

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मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार के प्रतिष्ठित महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (MDDM) के सभागार में बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (बुस्टा) की महाविद्यालय इकाई द्वारा ‘नव-वर्ष मिलन समारोह सह आम बैठक 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक मिलन समारोह नहीं, बल्कि शिक्षक एकता और अधिकारों के प्रति संकल्पबद्धता का एक मंच बन गया। कार्यक्रम की मुख्य गूँज संगठन में ही शक्ति है के नारे के साथ पूरे परिसर में सुनाई दी।

निर्भय नेतृत्व की आवश्यकता पर बल

बैठक की अध्यक्षता करते हुए बुस्टा की महाविद्यालय अध्यक्ष डॉ. विनीता झा ने शिक्षक आंदोलन के ऐतिहासिक पन्नों को पलटते हुए वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर विमर्श किया। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों को केवल शैक्षणिक कार्यों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए मुखर होना होगा। डॉ. झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, नेतृत्व का पहला और अनिवार्य गुण निर्भयता है। जो व्यक्ति निर्भय नहीं है, वह नेतृत्व के योग्य नहीं हो सकता। एक शिक्षक समाज का पथ प्रदर्शक होता है, इसलिए हमें अपनी समस्याओं पर निर्भीकता से बात करनी होगी।”

बैठक को संबोधित करती बुस्टा की महाविद्यालय अध्यक्ष डॉ. विनीता झा

जिंदा हो तो जिंदा नजर आना होगा

कार्यक्रम का संचालन और आह्वाहन बुस्टा की महाविद्यालय सचिव डॉ. कुमारी सरोज द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में जोश भरते हुए आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब नई पीढ़ी के शिक्षकों को नेतृत्व की कमान संभालनी होगी। उन्होंने कहा, सफलता और अधिकार थाली में सजाकर नहीं मिलते। अगर हम जीवित समाज का हिस्सा हैं, तो हमें अपनी जीवंतता का प्रमाण देना होगा। अपने वाजिब हक को प्राप्त करने के लिए सत्ता की हठधर्मिता से टकराना अनिवार्य है।” उनके इस वक्तव्य ने उपस्थित शिक्षक समुदाय के बीच ऊर्जा का संचार किया।

संघर्ष ही सफलता की कुंजी: डॉ. किरण झा

विश्वविद्यालय इकाई सचिव डॉ. किरण झा ने इस मौके पर शिक्षक संघ की प्रासंगिकता और उसकी ऐतिहासिक देन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज हम जिन सुविधाओं और सम्मान के साथ कार्य कर रहे हैं, वह पूर्ववर्ती शिक्षक नेताओं के कड़े संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना सामूहिक संघर्ष के कुछ भी प्राप्त करना असंभव है। “संगठन ही हमारी वह शक्ति है जो प्रशासन और सरकार को हमारी मांगों पर विचार करने के लिए विवश करती है।”

वरिष्ठ शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति

बैठक के दौरान कॉलेज के विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने अपनी समस्याओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर संवाद किया। इस अवसर पर संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान और नियमित बैठकों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारियों और वरिष्ठ शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:

  • डॉ. निशिकांति (कोषाध्यक्ष)
  • डॉ. शकीला अज़ीम एवं डॉ. स्वस्ति वर्मा (वरिष्ठ शिक्षिकाएं)
  • डॉ. प्रियम फ्रांसिस एवं डॉ. आभा कुमारी (सह सचिव)
बैठक को संबोधित करती बुस्टा की विश्वविद्यालय इकाई सचिव डॉ. किरण झा

एकजुटता का संकल्प और शुभकामनाएँ

समारोह के दूसरे चरण में नव-वर्ष 2026 का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। शिक्षकों ने एक-दूसरे को नवीन वर्ष की शुभकामनाएं दीं और सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे संगठन के झंडे तले एकजुट रहेंगे। वक्ताओं ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि एम.डी.डी.एम. कॉलेज इकाई हमेशा से शिक्षक हितों के लिए अग्रणी रही है।

बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा का समापन हुआ। इस मिलन समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में बुस्टा अपनी मांगों को लेकर और अधिक आक्रामक और सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

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