सरायरंजन (समस्तीपुर)। प्रखंड के ग्राम पंचायत राज गंगसारा अंतर्गत अहमदपुर गाँव (वार्ड नंबर 5) में गुरुवार को बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, अख्तियारपुर के सहयोग से आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से ‘वार्ड स्तरीय बाल कल्याण और संरक्षण समिति’ का गठन किया गया।

प्रशासनिक मार्गदर्शन और उद्देश्य

यह पहल प्रखंड पंचायती राज विभाग, समेकित बाल विकास परियोजना (ICDS) और जिला बाल संरक्षण इकाई, समस्तीपुर के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। संस्था द्वारा क्षेत्र के आठ गाँवों के विभिन्न वार्डों में इस तरह की समितियों का गठन किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर बच्चों के मुद्दों का समाधान हो सके।

सुरक्षा और शिक्षा पर जोर

बैठक की अध्यक्षता वार्ड सदस्या  राधा देवी ने की, जबकि संचालन सीनियर रिसर्च कंसल्टेंट दिनेश प्रसाद चौरसिया ने किया। चर्चा के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और समाज की है।

  • शिक्षा: 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए आंगनवाड़ी और 6-18 वर्ष के बच्चों के लिए अनिवार्य स्कूली शिक्षा पर जोर दिया गया।
  • बाल विवाह: विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि लड़कियों की 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष से कम उम्र में शादी करना कानूनी अपराध है।

समिति का स्वरूप

नवनियुक्त समिति में समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है:

  • अध्यक्ष: राधा देवी (वार्ड सदस्य)
  • उपाध्यक्ष: भगवान यादव (पंच सदस्य)
  • सचिव: सुनीता देवी (सेविका)
  • सदस्य: संजय कुमार महतो (शिक्षक), जयंती कुमारी (आशा), स्वाति कुमारी (बाल संसद), संगम कुमारी (किशोरी समूह), रूबी कुमारी (जीविका), लक्ष्मी पासवान (चौकीदार) समेत 14 सदस्य।
पदनामप्रतिनिधित्व
अध्यक्षराधा देवीवार्ड सदस्य
उपाध्यक्षभगवान यादवपंच सदस्य
सचिवसुनीता देवीआंगनवाड़ी सेविका
सदस्यसंजय कुमार महतोशिक्षक (प्रा. वि. अहमदपुर)
सदस्यजयंती कुमारीआशा कार्यकर्ता
सदस्यस्वाति कुमारीबाल संसद
सदस्यसंगम कुमारीकिशोरी समूह
सदस्यरूबी कुमारीजीविका
सदस्यलक्ष्मी पासवानचौकीदार

नियमित निगरानी की अपील

संस्था की कोषाध्यक्ष वीणा कुमारी और कंसल्टेंट ललिता कुमारी ने कहा कि बच्चों की खुशहाली के लिए परिवार का संवेदनशील होना जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में शिक्षक संजय कुमार महतो ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी सदस्यों से महीने में कम से कम एक बार बैठक कर गांव के बच्चों की समस्याओं पर चर्चा करने का आग्रह किया।

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