पटना। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य के गरीब और वंचित परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना’ के तहत अब उन परिवारों का अपने पक्के घर का सपना सच हो सकेगा, जिनके निर्माण कार्य आर्थिक तंगी के कारण बीच में ही रुक गए थे।

किन परिवारों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का मुख्य फोकस समाज के उन वर्गों पर है जिन्हें सिर छिपाने के लिए छत की सबसे ज्यादा जरूरत है। योजना के दायरे में निम्नलिखित श्रेणियों को रखा गया है:
- अनुसूचित जाति (SC)
- अनुसूचित जनजाति (ST)
- अति पिछड़ा वर्ग (EBC)
₹50,000 की सीधी मदद
अक्सर देखा जाता है कि कई परिवार सरकारी आवास योजना की शुरुआती किश्त या अपनी जमापूंजी से घर बनाना शुरू तो कर देते हैं, लेकिन फंड खत्म होने के कारण घर ‘अधूरे या अपूर्ण’ अवस्था में ही रह जाते हैं। ऐसे ही अधूरे घरों को पूरा कराने के लिए सरकार ₹50,000 की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
“सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब परिवार अधूरे घर में रहने को मजबूर न हो। यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी ताकि वे अपने घर की छत, फिनिशिंग या अन्य छूटे हुए कार्यों को पूरा कर सकें।”
— ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार

योजना की मुख्य बातें एक नज़र में:
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना |
| सहायता राशि | ₹50,000 |
| पात्र वर्ग | SC, ST एवं अति पिछड़ा वर्ग |
| उद्देश्य | अधूरे/अपूर्ण आवासों को पूर्ण कराना |
इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार आएगा, बल्कि उन हजारों परिवारों को संबल मिलेगा जो वर्षों से अपने घर के पूरा होने की राह देख रहे थे।





