मुजफ्फरपुर, बिहार । “ना हो अभी, मगर आखिर तो कदर होगी मेरी, खुलेगा हाले-गुलाम आप पर, गुलाम के बाद।” प्रख्यात शायर हसरत मोहानी का यह शेर आज मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंड स्थित ‘नुनफरा’ गांव की गलियों में सिसक रहा है। यह सिसकी किसी आम इंसान की नहीं, बल्कि अगस्त क्रांति के उस महान सेनानी की … Continue reading अगस्त क्रांति के विस्मृत नायक शहीद अमीर सिंह: सीने पर गोली खाई ताकि हम आजाद रहें, पर आजाद भारत में उनके शहादत को उचित सम्मान नहीं
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